गुरुवार, 13 फ़रवरी 2020

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आईएलए मॉड्यूल की जानकारी के लिए कार्यशाला का किया गया आयोजन

लेखक: अपना समाचार दिनांक: फ़रवरी 13, 2020
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  • आईएलए मॉड्यूल की जानकारी के लिए कार्यशाला का किया गया आयोजन
    - सभी सीडीपीओ को स्तनपान संबंधित समस्याओं में माताओं को सहयोग की दी गई जानकारी
    - जिला संसाधन समूह द्वारा दो दिवसीय कार्यशाला का किया गया आयोजन

    पूर्णियाँ : स्तनपान संबंधित समस्याओं में माताओं को सहयोग व नवजात शिशुओं को बीमारी के दौरान आहार विषय में जानकारी देने हेतु जिला समाहरणालय के विकास भवन में दो दिवसीय जिला संसाधन समूह की आईएलए मॉडल 13, 14 तथा 15 की कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला में सभी को शिशुओं के गंभीर दुबलेपन, स्तनपान संबंधि समस्याओं में माताओ सहयोग तथा बीमारियों में शिशुओं के आहार की जरूरत एवं विशेषता के बारे में विस्तार से बताया गया.

    शिशुओं के गंभीर दुबलेपन की करें पहचान :-
    कार्यशाला में सभी को बताया गया, शिशुओं की उम्र बढ़ाने के साथ-साथ उनके लम्बाई व वजन में भी बढ़ोत्तरी होना जरुरी है. इसके लिए शिशुओं को सम्पूर्ण पोषक आहार की गुणवत्ता पर ध्यान देने की जरूरत है. शिशुओं को 6 माह पश्चात केवल स्तनपान उनके पोषण के लिए पर्याप्त नहीं होता। बच्चे की लंबाई और वजन को बढ़ाने और मन बुद्धि के पर्याप्त विकास सुनिश्चित करने के लिए स्तनपान के साथ-साथ ऊपरी आहार खिलाना आवश्यक है. आहार से इस उम्र में बच्चे को खेलने बीमारियों से लड़ने एवं विकसित होने में मदद मिलती है. इस दौरान बच्चे को दाल का पानी या चावल का माड़ आदि के वजाय अर्धठोस व मसला हुआ खाना दिया जाना चाहिए.  

    स्तनपान संबंधित समस्याओं में माता को करें सहयोग :-
    कार्यशाला में सभी सीडीपीओ को स्तनपान में माताओं को होने वाले समस्याओं के निदान से भी अवगत करवाया गया. उन्हें माताओं को स्तन से दूध कैसे निकाले, हाथ से स्तन के दूध को निकालने के लिए आवश्यक तैयारी, जैसे- अलग अलग प्रकार से स्तनों की मालिश, स्तन में स्थित नलिकाओं की जानकारी, स्तन को गर्म तौलिया से सेंक आदि करवाने की जानकारी दी गई. शिशु के जन्म के बाद उनके घर का नियमित तौर पर दौरा कर उनके स्वास्थ्य संबंधित जानकारी उनकी माता को देने का निर्देश कार्यशाला में दिया गया. इसके अलावा कमजोर शिशुओं के अतिरिक्त देखभाल की जानकारी भी कार्यशाला में दी गई.
    बीमारी के दौरान शिशु की देखभाल है जरूरी :-
    बीमारी के दौरान शिशुओ का विशेष ध्यान रखने के लिए भी कार्यशाला में जानकारी दी गई. उस समय शिशु को स्तनपान के साथ साथ ऊपरी आहार को लेकर सावधानी की भी जानकारी दी गई. उन्हें बताया गया, बीमार शिशुओं के लिए स्तनपान बहुत ही जरूरी है. बीमार नवजात शिशुओं की खास देखभाल के लिए बच्चे को कंगारू मदर केयर विधि द्वारा गर्म रखने की कोशिश करनी चाहिए. उनकी स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए. शिशु को छूने या स्तनपान कराने से पहले साबुन से हाथ धोने इत्यादि का ध्यान रखने की जानकारी देना चाहिए. जब तक कमजोर नवजात शिशु ताकत से स्तनपान करना शुरू ना कर दें, उनका वजन पर्याप्त क्षमता से बढ़ने ना लगे तब तक उसे खास देखभाल की जरूरत होती है इसकी जानकारी लोगों को देनी चाहिए आदि की जानकारी कार्यशाला में दी गई.

    कार्यशाला में जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आईसीडीएस शोभा सिन्हा, स्वास्थ्य भारत उत्प्रेरक से शौर्य पटेल, पोषण अभियान के जिला समन्वयक निधि प्रिया, सहायक सुधांशु कुमार व सभी सीडीपीओ उपस्थित रहे.

    संवादक: अमन
    विवरण: स्तनपान संबंधित समस्याओं में माताओं को सहयोग व नवजात शिशुओं को बीमारी के दौरान आहार विषय में जानकारी देने हेतु जिला समाहरणालय के विकास भवन में दो दिवसीय जिला संसाधन समूह की आईएलए मॉडल 13, 14 तथा 15 की कार्यशाला का आयोजन किया गया

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