मंगलवार, 4 फ़रवरी 2020

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मिशन इन्द्रधनुष 2.0 अभियान के तीसरे चरण की हुयी शुरुआत

लेखक: अपना समाचार दिनांक: फ़रवरी 04, 2020
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  • मिशन इन्द्रधनुष 2.0 अभियान के तीसरे चरण की हुयी शुरुआत
    • 2795 बच्चे एवं 643 गर्भवती महिलाओं का होगा टीकाकरण
    • 3 से 13 फरवरी तक चलेगा अभियान 

    पूर्णियाँ : जिले में विशेष टीकाकरण अभियान के अंतर्गत मिशन इंद्रधनुष अभियान के तीसरे चरण की शुरुआत जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ सुभाष चन्द्र पासवान ने जिला के बायसी प्रखंड के चरैया उपस्वास्थ्य केंद्र में सोमवार को बच्चों को टीका लगाकर किया. 
    इस मौके पर डॉ पासवान ने कहा कि जिले के 6 प्रखंड बायसी, डगरुआ, बैसा, अमौर, धमदाहा व पूर्णियाँ पूर्व के शहरी इलाकों में मिशन इंद्रधनुष 2.0 अभियान चलाया जा रहा है. तीसरा चरण 3 फरवरी से 13 फरवरी तक चलाया जाएगा. इसमें 0 से 2 वर्ष के सभी बच्चों व गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया जाएगा जो नियमित टीकाकरण में शामिल नहीं हो सके हैं. उन्होंने बताया इस टीकाकरण से 12 जानलेवा बीमारियों से बच्चों व गर्भवती महिलाओं की जान बचाई जा सकती है. इसके लिए सभी आशाओं व सेविकाओं द्वारा अपने क्षेत्र के लोगों को टीकाकरण स्थल व इससे से होने वाले फायदों की जानकारी दी जा रही है.

    3699 बच्चे एवं 607 गर्भवती माताओं को टीका: 
    जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ सुभाष चन्द्र पासवान ने बताया अभियान में 0 से 2 वर्ष के 3699 बच्चों एवं 607 गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण होना है, जिसके लिए तीसरे चरण में कुल 350 सत्र चलाया जाएगा. इसमें बायसी में 79 सत्र में 721 बच्चे 173 महिलाएं, डगरुआ में 69 सत्र में 807 बच्चे व 109 महिलाएं, धमदाहा में 45 सत्र में 439 बच्चे व 45 गर्भवती महिलाएं, बैसा में 68 सत्र में 619 बच्चे व 161 महिलाएं, अमौर में 51 सत्र में 590 बच्चे व 62 महिलाएं व पूर्णियाँ पूर्व 38 सत्र में 523 बच्चे व 57 गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया जाएगा. 

    12 जानलेवा बीमारियों से बचाता है टीका: 
    यूनिसेफ से आये स्टेट कंसल्टेंट सदान अहमद खान ने कहा कि बच्चों व गर्भवती महिलाओं को नियमित टीकाकरण बहुत जरूरी होता है. यह 12 तरह की जानलेवा बीमारियों से उनकी रक्षा करता है. इसमें टीवी/तपेदिक, पोलियो, हेपेटाइटिस बी, डिप्थीरिया/गलघोंटू, टेटनस, काली खांसी, हिमोफिलस इन्फ्लूएंजा(हिब), निमोकोकल निमोनिया, रोटा वायरस डायरिया, खसरा, रुबैला व जापानी इंसेफेलाइटिस(जेई) शामिल है. यह बच्चों व गर्भवती महिलाओं के लिए घातक है जिसके लिए टीकाकरण बहुत जरूरी है.
    क्षेत्रों में फैलाई जा रही है जागरूकता :
    बीसीएम बंदना कुमारी ने कहा अभियान के लिए क्षेत्रों में जागरूकता फैलाई जा रही है. इसके लिए आशा फेसिलेटर, आशाएं व आंगनवाड़ी सेविकाओं अपने क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी पत्रिका दे रही हैं, जिसमें टीकाकरण से होने वाले फायदों के बारे में जानकारी उपलब्ध है. इसके अलावा टीकाकरण के दिन भी क्षेत्र की सेविकाओं एवं आशा द्वारा क्षेत्र के लोगों को बुलाकर टीकाकरण करवाया जा रहा है.
    टीकाकरण के बाद ध्यान रखें :

    • 30 मिनट तक टीकाकरण स्थल पर बैठे, जिससे कि रिएक्शन होने पर तुरंत इलाज किया जा सके.
    • एएनएम द्वारा दिये जा रहे टीका व संबंधित बीमारी की जानकारी प्राप्त करें.
    • अपने बच्चे की अगले टीकाकरण की जानकारी जरूर लें.
    • टीकाकरण के बाद बच्चे को दर्द बुखार या अन्य लक्षण है तो तुरंत अपने क्षेत्र के आशा व एएनएम से संपर्क करें. 
    • टीकाकरण कार्ड हमेशा संभालकर रखें. वह आपके बच्चे के स्वास्थ्य संबंधित जानकारी के लिए जरूरी है.

    विवरण: जिले में विशेष टीकाकरण अभियान के अंतर्गत मिशन इंद्रधनुष अभियान के तीसरे चरण की शुरुआत जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ सुभाष चन्द्र पासवान ने जिला के बायसी प्रखंड के चरैया उपस्वास्थ्य केंद्र में सोमवार को बच्चों को टीका लगाकर किया.

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