गुरुवार, 13 फ़रवरी 2020

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राज्य में अब तक 46 लाख से अधिक लोगों को मिला गोल्डन कार्ड

लेखक: अपना समाचार दिनांक: फ़रवरी 13, 2020
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  • राज्य में अब तक 46 लाख से अधिक लोगों को मिला गोल्डन कार्ड
    - वर्ष 19- 20 में लगभग 102 करोड़ रुपये किए गए खर्च
    - प्रतिदिन 30 से 35 हजार लोगों को उपलब्ध कराया जा रहा है गोल्डन कार्ड

    पटना :  आयुष्मान भारत योजना के तहत अब तक बिहार में  22 लाख परिवारों के 46.50 लाख लोगों को गोल्डन कार्ड दिए जा चुके हैं। जिसमें योजना के तहत  लोगों के ईलाज पर लगभग 102 करोड़ रुपये ख़र्च भी किए गए हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत लोगों के ईलाज पर होने वाले व्यय में केंद्र और राज्य के मध्य 60:40 का अनुपात होता है। जिसमें वर्ष 2018-19 में निःशुल्क एवं बेहतर ईलाज प्रदान करने के लिए  88.27 करोड़ रुपये केंद्रीय सरकार तथा 50 करोड़ रुपये राज्य सरकार द्वारा बिहार को प्राप्त हुए थे।  

    संख्या में निरंतर वृद्धि: 

    प्रधान सचिव स्वास्थ्य विभाग संजय कुमार ने प्रेस विज्ञपति के माध्यम से जानकारी दी है कि राज्य में प्रतिदिन 30 से 35 हज़ार लोगों के गोल्डन कार्ड बनाये जा रहे हैं। 

    नवीन हेल्थ बेनिफिट पैकेज में 270 बीमारियों के ईलाज दर में होगी वृद्धि:
    इसी महीने की 15 फरवरी से योजना से जुड़े सभी अस्पतालों में नए पैकेजे की बढ़ी हुयी दरों से ईलाज शुरू हो जाएगा. योजना की शुरुआत के समय जो हेल्थ बेनिफिट पैकेज बनाये गए थे, उसमें कुछ विसंगतियाँ थी. जिसमें सुधार के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण को उच्च स्तरीय समिति के माध्यम से सुझाव दिए गए थे. इन सुझावों के आधार पर बीमारियों के ईलाज में हो होने वाले खर्च की भरपाई करने के लिए नए 867 पैकेजों के अंतर्गत ईलाज की 1573 प्रक्रिया निर्धारित की गयी है. इससे अधिकाधिक निजी अस्पताल इस योजना से जुड़ सकेंगे. संशोधित हेल्थ बेनिफिट पैकेज के तहत 270 बीमारियों के ईलाज में खर्च होने वाली धनराशि में भी बढ़ोतरी की गयी है. 

    आयुष्मान भारत योजना के तहत कई रोगों का फ्री इलाज:
     आयुष्मान भारत योजना के तहत हड्डी, ऑर्थो, बर्न, नसबंदी, प्रसव, नवजात शिशु, इमरजेंसी रूम पैकेज, जानवर के काटने पर इलाज, शरीर के अंग के टूटने पर प्लास्टर, फूड प्वाइजनिंग, हाई फीवर का इस टीनएज, नवजात शिशु, जनरल सर्जरी, जनरल मेडिसिन आदि के मुफ़्त ईलाज का प्रावधान है।

    यह है योजना:

    वर्ष 2011 के सामाजिक-आर्थिक एवं जातिगत जनगणना में चिन्हित गरीब परिवारों को इस योजना का पात्र बनाया गया है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत लाभार्थी परिवार पैनल में शामिल सरकारी या निजी अस्पतालों में प्रति वर्ष 5 लाख रुपए तक कैशलेस इलाज करा सकते हैं। योजना का लाभ उठाने के लिए उम्र की बाध्यता एवं परिवार के आकार को लेकर कोई बंदिश नहीं है। योजना को संचालित करने वाली नेशनल हेल्थ एजेंसी ने एक वेबसाइट और हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। इसके जरिये लाभार्थी यह जान सकते हैं कि उनका नाम लिस्ट में शामिल है या नहीं। लिस्ट में नाम जांचने के लिए mera.pmjay.gov.in वेबसाइट देख सकते हैं या हेल्पलाइन नंबर 14555 पर कॉल कर जानकारी ली जा सकती है। 


    ये कागजात हैं जरूरी: 

    इन दोनों कागजातों के अलावा लाभुकों को आधार कार्ड, राशन कार्ड या पीएम लेटर से कोई एक दस्तावेज लगाना अनिवार्य है। तभी लोगों का गोल्डन कार्ड बनाया जा सकता है।

    संवादक: अमन
    विवरण: आयुष्मान भारत योजना के तहत अब तक बिहार में 22 लाख परिवारों के 46.50 लाख लोगों को गोल्डन कार्ड दिए जा चुके हैं। जिसमें योजना के तहत लोगों के ईलाज पर लगभग 102 करोड़ रुपये ख़र्च भी किए गए हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत लोगों के ईलाज पर होने वाले व्यय में केंद्र और राज्य के मध्य 60:40 का अनुपात होता है

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