गुरुवार, 13 फ़रवरी 2020

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आईसीडीएस- केस एप्लीकेशन संबंधी तकनीकी समस्याओं को सुलझाएगा हेल्प डेस्क

लेखक: अपना समाचार दिनांक: फ़रवरी 13, 2020
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  • आईसीडीएस- केस एप्लीकेशन संबंधी तकनीकी समस्याओं को सुलझाएगा हेल्प डेस्क 
    • सभी जिलों के हेल्प डेस्क प्रबंधकों को दिया गया प्रशिक्षण 
    • राज्य में 1 लाख से अधिक आंगनबाड़ी सेविकाओं को दिया गया स्मार्टफोन 
    • केस एप्लीकेशन मेसेज भेज कर लाभार्थियों एवं कार्यकर्ताओं को करेगा अलर्ट 

    पूर्णियाँ : अब राज्य के आंगनबाड़ी सेविकाओं को रजिस्टर संभालने से मुक्ति मिली है. पहले उन्हें 11 रजिस्टरों को मैनुअली भरना होता था. लेकिन अब 11 रजिस्टरों में 10 रजिस्टरों को ऑनलाइन कर दिया गया है. इसके लिए राज्य के 1 लाख से अधिक आंगनबाड़ी सेविकाओं को आईसीडीएस- केस( कॉमन एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर) एप्लीकेशन के साथ स्मार्टफोन दिए गए हैं. साथ ही एप्लीकेशन के इस्तेमाल में आने वाली समस्याओं को सुलझाने के लिए राज्य के साथ सभी जिलों में हेल्प डेस्क का निर्माण भी किया गया है. 

    राज्य से लेकर प्रखंड स्तर पर बनाये गए हेल्पडेस्क : 
    पोषण अभियान के सलाहकार मंत्रेश्वर झा ने बताया पोषण अभियान के तहत प्रदान की जाने वाली सभी सुविधाओं में गुणवत्ता लाने के मकसद से राज्य के सभी जिलों के आंगनबाड़ी केन्द्रों को केस एप्लीकेशन के साथ जोड़ा गया है. इसके लिए राज्य के 1 लाख से अधिक आंगनबाड़ी सेविकाओं को केस एप्लीकेशन इन्सटाल्ड स्मार्टफोन दिए गए हैं. नयी एप्लीकेशन होने के कारण एप्लीकेशन के इस्तेमाल में तकनीकी समस्याएँ संभावित है. इसको लेकर राज्य में 4 हेल्प डेस्क एवं सभी जिलों सहित प्रखंडों पर हेल्प डेस्क बनाये गए हैं. इनकी सहायता से एप्लीकेशन इस्तेमाल में आने वाले किसी भी तकनीकी समस्याओं को सुलझाया जाएगा. 

    तकनीकी समस्या की रियल टाइम होगी ट्रैकिंग : 
    केस एप्लीकेशन में किसी भी तरह की तकनीकी समस्या होने पर आंगनबाड़ी सेविकाएँ समस्या को प्रखंड स्तर पर निर्मित हेल्प डेस्क को ऑनलाइन जानकारी देगी. प्रखंड स्तर पर निर्मित हेल्प डेस्क इस समस्या को सुलझाएंगे. प्रखंड स्तर पर समस्या का प्रबंधन नहीं होने पर इसे जिला स्तरीय हेल्प डेस्क को भेज दिया जाएगा. डिस्ट्रिक्ट स्तर पर बने हेल्प डेस्क फिर समस्या का निदान करेंगे. जटिल समस्या होने पर इसे राज्य स्तरीय हेल्प डेस्क को भेजने की भी व्यवस्था बनायी गयी है. इस तरह   केस एप्लीकेशन की तकनीकी समस्या की रियल टाइम ट्रैकिंग कर इसका समाधान किया जाएगा. 

    केस एप्लीकेशन कार्यकर्ता के साथ लाभार्थी को करेगा अलर्ट : 
    डीपीओ शोभा सिन्हा ने बताया कि केस एप्लीकेशन आईसीडीएस सुविधाओं के सही समय पर प्रदायगी को लेकर भी आंगनबाड़ी सेविका के साथ संबंधित लाभार्थी को मेसेज के जरिए अलर्ट भेजेगा. जैसे यदि किसी बच्चे का टीकाकरण का समय होगा तब केस एप्लीकेशन मेसेज भेजकर इसकी जानकारी आंगनबाड़ी सेविका के साथ लाभार्थी को भी देगा. इस तरह आईसीडीएस के तहत प्रदान की जाने वाली सभी सुविधाओं की सही समय पर जानकारी लाभार्थी को भी मिल सकेगी. 

    केस एप्लीकेशन के फ़ायदे : 
    • ऑनलाइन रजिस्टर भरने से सेविकाओं के समय में बचत होगी
    • इससे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर कार्य का बोझ कमेगा 
    • इससे रियल टाइम प्रबंधन आसन हो सकेगा 
    • लाभार्थियों की ऑटोमेटिक ड्यु लिस्टिंग हो सकेगी
    • शत-प्रतिशत सेवाओं का कवरेज सुनिश्चित हो सकेगा
    विवरण: अब राज्य के आंगनबाड़ी सेविकाओं को रजिस्टर संभालने से मुक्ति मिली है. पहले उन्हें 11 रजिस्टरों को मैनुअली भरना होता था. लेकिन अब 11 रजिस्टरों में 10 रजिस्टरों को ऑनलाइन कर दिया गया है.

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