शुक्रवार, 7 फ़रवरी 2020

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आंगनवाड़ी केन्द्रों पर हुआ गोदभराई का आयोजन

लेखक: अपना समाचार दिनांक: फ़रवरी 07, 2020
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  • आंगनवाड़ी केन्द्रों पर हुआ गोदभराई का आयोजन 
    - मातृत्व एवं शिशु पोषण की दी गई जानकारी
    - मातृत्व वन्दना योजना की भी दी जानकारी
    - टीकाकरण की महत्वता पर हुई चर्चा
    - प्रत्येक माह के 7 तारीख को होती है गोदभराई

    पूर्णियाँ : जिले के सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों पर सेविकाओं द्वारा गोदभराई करवाई गई. इस दौरान उन्हें गर्भ में पल रहे शिशु के स्वास्थ्य के लिए सन्तुलित खान पान व टीकाकरण की भी जानकारी दी गई. प्रत्येक महीने के 7 तारीख को आंगनवाड़ी केन्द्रों पर गर्भवती महिलाओं की गोदभराई रस्म का आयोजन होता है, जिसमें 7 से 9 महीने की गर्भवती महिलाओं की गोदभराई कराई जाती है.

    मातृत्व पोषण की दी गई जानकारी : 
    गोदभराई कार्यक्रम के दौरान लाईन बस्ती पश्चिम आंगनवाडी केंद्र संख्या 8, केंद्र कोड 124 की सेविका रूबी कुमारी ने सभी गर्भवती महिलाओं को उनके खान पान की जानकारी दी. उन्हें पौष्टिक आहार व उससे होने वाले शिशु के स्वास्थ्य पर होने वाला प्रभाव की भी जानकारी दी गई. गर्भावस्था के दौरान आहार में प्रोटीन, विटामिन, कार्बोहाइड्रेट के साथ वसा की भी मात्रा होना जरुरी होता है. इसको लेकर गर्भवती महिलाओं को आहार में विविधिता लाने की सलाह दी गयी. हरी साग-सब्जी, सतरंगी फल, दाल, सूखे मेवे एवं दूध का सेवन विभिन्न पोषक तत्वों की आपूर्ति के लिए जरुरी बताया गया.  सभी गर्भवती महिलाओं को मातृत्व पोषण एवं गर्भ में पल रहे शिशु के पोषण सुदृढ करने के लिए सरकार द्वारा प्रदत्त योजनाओं से मिलने वाले लाभों की भी जानकारी दी गई.

    टीकाकरण के महत्व पर हुई चर्चा : 
    गोदभराई कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं व शिशु को पड़ने वाले टीकाकरण की महत्ता पर भी चर्चा की गई. आशा जागनी देवी द्वारा गर्भवती महिला को पहली बार गर्भ धारण करने पर केंद्र पर टीके लगवाने, जन्म के बाद शिशु को सम्पूर्ण टीकाकरण कराने, गर्भावस्था में  4 प्रसव पूर्व जांच करवाने एवं टीकाकरण कार्ड को संभाल कर रखने की सलाह दी गई. टीकाकरण कब और क्यों लगवाया जाता है. इसकी विस्तार से उन्हें जानकारी दी गई.

    मातृ वन्दना योजना की भी दी जानकारी : 
    गोदभराई के दौरान महिलाओं को सरकार द्वारा चलाए जा रहे प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की जानकारी भी दी गई. इस दौरान उपस्थित महिला पर्यवेक्षक पूजा कुमारी ने उन्हें बताया कि गर्भवती महिलाओं को शिशु होने तक तीन किस्तों में कुल 5000 रुपये की राशि सरकार द्वारा दी जाती है. पहली किश्त 1000 रुपये दी जाती है जिसके लिए किसी भी सरकारी स्वास्थ्य इकाई में गर्भ धारण करने के 150 दिनों के अंदर पंजीकरण कर जरूरी दस्तावेज देने पड़ते हैं. कम से कम 1 प्रसव पूर्व जांच करवाने पर 180 दिनों बाद दूसरी किश्त के रूप में 2000 रुपये एवं शिशु के जन्म के बाद उनके पंजीकरण व प्रथम चरण के टीकाकरण के बाद तीसरी किश्त के रूप में 2000 रुपये की राशि दी जाती है.

    कार्यक्रम में सहायिका मीरा रानी दास के साथ क्षेत्र की सभी गर्भवती महिलाएं, उनके पति व परिवार के अन्य सदस्य आदि उपस्थित रहे.

    संवादक: अमन
    विवरण: जिले के सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों पर सेविकाओं द्वारा गोदभराई करवाई गई. इस दौरान उन्हें गर्भ में पल रहे शिशु के स्वास्थ्य के लिए सन्तुलित खान पान व टीकाकरण की भी जानकारी दी गई. प्रत्येक महीने के 7 तारीख को आंगनवाड़ी केन्द्रों पर गर्भवती महिलाओं की गोदभराई रस्म का आयोजन होता है

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