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राज्य में 1.58 लाख लोगों को आयुष्मान भारत योजना के तहत मिला मुफ़्त ईलाज: मंगल पांडेय

लेखक: अपना समाचार दिनांक: फ़रवरी 07, 2020
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  • राज्य में 1.58 लाख लोगों को आयुष्मान भारत योजना के तहत मिला मुफ़्त ईलाज: मंगल पांडेय 
    • राज्य में 45 लाख से अधिक लोगों के बनाये गए गोल्डन कार्ड 
    • 1.58 लाख लोगों के निःशुल्क ईलाज पर राज्य ने खर्च किए 90 करोड़ रूपये 
    • हेल्थ बेनिफिट पैकेज का संशोधित वर्जन 15 फरवरी से राज्य में होगा लागू 
    • नवीन हेल्थ बेनिफिट पैकेज में नए 867 पैकेजों के तहत ईलाज की 1573 प्रक्रिया निर्धारित

    पटना : देश और राज्य के गरीब परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रूपये तक की निःशुल्क ईलाज मुहैया कराने के उद्देश्य से 23 सितम्बर 2018 को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की शुरुआत की गयी. योजना के महज 1.25 साल बाद ही बिहार में 1.58 लाख लोगों को निःशुल्क एवं बेहतर ईलाज प्रदान कराया गया. इनके ईलाज पर राज्य ने अभी तक 90 करोड़ रूपये खर्च किए हैं. अभी तक राज्य में 45 लाख से अधिक पात्र लाभार्थियों एवं लगभग 22 लाख परिवारों के गोल्डन कार्ड बनाये गए हैं.  ये बातें राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने गुरूवार को शहर के एक होटल में आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को चिकित्सा सुविधा प्रदान कराने के लिए प्रस्तावित नवीन हेल्थ बेनिफिट पैकेज( एचबीपी 2.0) को लेकर आयोजित कार्यशाला के दौरान कही.

    नवीन हेल्थ बेनिफिट पैकेज में 270 बीमारियों के ईलाज दर में होगी वृद्धि: 
    इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने योजना से जुड़े निजी अस्पतालों, चिकित्सा महाविद्यालयों एवं सरकारी सदर अस्पतालों के चिकित्सकों को संबोधित किया. उन्होंने कहा योजना की शुरुआत के समय जो हेल्थ बेनिफिट पैकेज बनाये गए थे, उसमें कुछ विसंगतियाँ थी. जिसमें सुधार के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण को उच्च स्तरीय समिति के माध्यम से सुझाव दिए गए थे. इन सुझावों के आधार पर बीमारियों के ईलाज में हो होने वाले खर्च की भरपाई करने के लिए नए 867 पैकेजों के अंतर्गत ईलाज की 1573 प्रक्रिया निर्धारित की गयी है. इससे अधिकाधिक निजी अस्पताल इस योजना से जुड़ सकेंगे. संशोधित हेल्थ बेनिफिट पैकेज के तहत 270 बीमारियों के ईलाज में खर्च होने वाली धनराशि में भी बढ़ोतरी की गयी है. इसी महीने की 15 फरवरी से योजना से जुड़े सभी अस्पतालों में नए पैकेजे की बढ़ी हुयी दरों से ईलाज शुरू हो जाएगा. उन्होंने निजी अस्पतालों को योजना से जुड़कर अधिक से अधिक मरीजों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में सरकार की मदद करने की अपील की.

    आयुष्मान भारत योजना के तहत 570 सरकारी एवं 205 निजी अस्पताल सूचीबद्ध:  
    बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति के कार्यपालक पदाधिकारी लोकेश कुमार सिंह ने बताया आयुष्मान भारत योजना के तहत बिहार राज्य में 570 सरकारी एवं 205 निजी अस्पताल अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन सभी अस्पतालों में बायो ऑथेंटिकेशन के जरिए भर्ती एवं डिस्चार्ज करते समय मरीजों को अनिवार्य रूप से प्रमाणीकरण किया जाएगा. इससे संभावित गड़बड़ियों को रोकने में सहायता मिलेगी. उन्होंने जानकारी देते हुए कहा राज्य में प्रति दिन 30 से 32 हजार गोल्डन कार्ड बनाये जा रहे हैं. इसके लिए पंचायत स्तर पर विशेष शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं. नए हेल्थ बेनिफिट पैकेज के तहत काफ़ी बदलाव भी किए हैं जो निजी अस्पतालों को योजना से जुड़ने के लिए प्रेरित करेगा. उन्होंने सभी सूचीबद्ध निजी अस्पतालों को अपने अस्पताल के बाहर इस योजना से जुड़े होने की बात होर्डिंग या बैनर के माध्यम से लोगों तक पहुँचाने की अपील की. उन्होंने आगामी दिनों में विभिन्न प्रचार एवं प्रसार के माध्यम से योजना एवं इससे जुड़े अस्पतालों की सूची आम लोगों तक पहुँचाने की भी बात कही.
    इस अवसर पर रष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की ओर से डॉ. अरुण गुप्ता, डॉ. राहुल निगम एवं कनिष्क गौतम प्रशिक्षक के तौर पर एवं बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति से अमिताभ सिंह, प्रशासी पदाधिकारी एवं अन्य उपस्थित थे.

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    विवरण: देश और राज्य के गरीब परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रूपये तक की निःशुल्क ईलाज मुहैया कराने के उद्देश्य से 23 सितम्बर 2018 को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की शुरुआत की गयी. योजना के महज 1.25 साल बाद ही बिहार में 1.58 लाख लोगों को निःशुल्क एवं बेहतर ईलाज प्रदान कराया गया.

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