बुधवार, 8 जनवरी 2020

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सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर मेनू के मुताबिक पोषाहार का वितरण

लेखक: अपना समाचार दिनांक: जनवरी 08, 2020
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  • सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर मेनू के मुताबिक पोषाहार का वितरण 
    • आईसीडीएस के निदेशक द्वारा दिया गया निर्देश 
    • 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को सप्ताह में दिया जा रहा एक गिलास दूध 
    • महीने में 25 दिन गर्म पका हुआ भोजन होगा उपलब्ध 
    • अति-कुपोषित बच्चों को मिलेगा दोगुना पोषाहार

    पूर्णियाँ : राज्य के सभी 38 जिलों के 544 बाल विकास परियोजनाओं के अंतर्गत दिए जाने पूरक पोषाहार के मेनू के मुताबिक पोषाहार का वितरण हो रहा है . इसको लेकर पूर्व में ही आईसीडीएस के निदेशक आलोक कुमार ने सभी जिलाधिकारी को पत्र लिखकर विस्तार से जानकारी दी गयी है. फ़िलहाल सप्ताह में 3 से 6 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को सप्ताह में एक गिलास दूध की आपूर्ति की जा रही है. 

    प्रति लाभार्थी खर्च की जाने वाली धन-राशि में बदलाव: 
    आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पूरक पोषाहार कार्यक्रम के तहत 6 माह से 72 माह के सामान्य/ कुपोषित बच्चे एवं अति-कुपोषित बच्चे के साथ गर्भवती एवं धात्री माताओं को पूरक पोषाहार प्रदान किए जाने का प्रावधान है.  6 माह से 72 माह तक के सामान्य/ कुपोषित बच्चे को प्रतिदिन प्रति लाभार्थी 8 रूपये, अति-कुपोषित बच्चे को प्रतिदिन प्रति लाभार्थी 12 रूपये एवं गर्भवती एवं धात्री माताओं को प्रतिदिन प्रति लाभार्थी 9.50 रूपये दिए जा रहे हैं. जिसमें सामान्य/ कुपोषित बच्चे को 500 किलो -कैलोरी एवं 12-15 ग्राम प्रोटीन, अति-कुपोषित बच्चों को 800 किलो -कैलोरी एवं 20-25 ग्राम प्रोटीन एवं गर्भवती/ धात्री माताओं को 600 किलो -कैलोरी एवं 18-20 ग्राम प्रोटीन प्राप्त हो रहा है.

    साप्ताहिक पोषाहार सूचि के मुताबिक पोषाहार: 
    सभी लाभार्थियों को साप्ताहिक पोषाहार सूचि के ही अनुसार पूरक पोषाहार प्रदान कराया जा रहा है. नाश्ते में चुडा-गुड के अलावा अंकुरित चना-गुड को भी अलग-अलग दिन दिया जा रहा है . प्रत्येक बुधवर को बुधवार को नाश्ते में 3 से 6 वर्ष के बच्चों को 18 ग्राम सुधा दूध पाउडर 150 मिलीलीटर शुद्ध पानी में घोलकर पिलाया जा रहा है. 

    महीने के 25 दिन गर्म पका हुआ भोजन: 
    मेनू के आधार पर 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को सप्ताह में तीन दिन खिचड़ी, एक दिन चावल पुलाव या पोहा पुलाव, एक दिन रसियाव एवं एक दिन सूजी का हलवा दिया जा रहा है . माह के अलावा एक दिन खिचड़ी/ चावल पुलाव/ पोहा पुलाव दिया जा सकता है. इस तरह महीने में कुल 25 दिन गर्म पका हुआ भोजन सभी जिलों के आंगनबाड़ी केन्द्रों पर समान रूप से दिया जा रहा है. प्रत्येक शुक्रवार को सुबह में नाश्ते के साथ एक उबला हुआ अंडा भी दियाजा रहा है . 3 वर्ष से 6 वर्ष तक के अति-कुपोषित बच्चों को दोगुना पूरक आहार दिया जा रहा है. 

    टीएचआर दिवस पर बच्चे, गर्भवती एवं प्रसूति महिलाओं को अंडा :
    गर्भवती, प्रसूति एवं 6 माह से 3 साल तक के सामान्य/ कुपोषित/ अति-कुपोषित बच्चों को टेक होम राशन( टीएचआर) के रूप में एक महीने में एक बार 25 दिन के लिए सूखा राशन का वितरण कियागया है. गर्भवती एवं प्रसूति महिलाओं में अंडा खाने वाले को टीएचआर दिवस पर प्रत्येक लाभार्थी को 7 अंडा दिया जा रहा है. अंडा नहीं खाने वाली महिलाओं को पूर्ववत सोयाबड़ी मिल रहा है. 6 माह से 3 साल के अंडा खाने वाले बच्चों को टीएचआर दिवस पर प्रत्येक लाभार्थी को 8 अंडा दिया जा रहा है. अंडा नहीं खाने वाले बच्चों को पूर्ववत सोयाबड़ीप्राप्त हो रहा है. 6 माह से 3 साल तक के अति-कुपोषित बच्चों ओ टीएचआर के साथ 12 अंडा दिया जा रहा है.

    विवरण: राज्य के सभी 38 जिलों के 544 बाल विकास परियोजनाओं के अंतर्गत दिए जाने पूरक पोषाहार के मेनू के मुताबिक पोषाहार का वितरण हो रहा है . इसको लेकर पूर्व में ही आईसीडीएस के निदेशक आलोक कुमार ने सभी जिलाधिकारी को पत्र लिखकर विस्तार से जानकारी दी गयी है. फ़िलहाल सप्ताह में 3 से 6 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को सप्ताह में एक गिलास दूध की आपूर्ति की जा रही है.

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