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मिशन इंद्रधनुष 2.0 के दूसरे चरण में भी शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने की ओर हैं अग्रसर: डीआईओ

लेखक: अपना समाचार दिनांक: जनवरी 11, 2020
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  • मिशन इंद्रधनुष 2.0 के दूसरे चरण में भी शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने की ओर हैं अग्रसर: डीआईओ

    - प्रथम दो दिन में कुल 238 गर्भवती महिलाओं एवं 1428 बच्चों का हुआ टीकाकरण 
    - छूटे हुये परिवार को भेजा जा रहा है निमंत्रण पत्र
    - योग्य व अनुभवी एएनएम द्वारा दिया जा रहा है टीका

    पूर्णियाँ :  मिशन इंद्रधनुष 2.0 की शुरुआत 6 जनवरी से हो चुकी है. जिले के छह प्रखंडो में इसके तहत टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है जिसमें नियमित टीकाकरण में छूटे हुए 0 से 2 वर्ष के बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया जा रहा है. दूसरे चरण में कुल 350 सत्र द्वारा कुल 3773 बच्चों एवं 666 गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण होना है. इसके लिए अलग-अलग जगह शिविर लगाकर लोगों को टीका दिया जा रहा है. 

    138 एएनएम को दी गयी जिम्मेदारी: अभियान को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से तैयारी पूरी कर ली गयी है। इसके लिए छह प्रखंडों में 138 एएनएम को कार्य पर लगाया गया है। इसमे बैसा में 29 अमौर में 33 धमदाहा में 26 डगरुआ में 24 बायसी में 19 तथा पूर्णियाँ पूर्व में 7 एएनएम कार्यरत हैं. सभी एएनएम कार्यकुशल एवं अनुभवी हैं तथा लोगों को टीकाकरण की जरूरतों की भी जानकारी दे रही हैं.
    प्रथम दो दिन के लक्ष्य हुए पूरे : डॉ सुभाष चन्द्र पासवान ने कहा कि दूसरे चरण के प्रथम दो दिन के कुल 129 सत्रों में कुल 238 गर्भवती महिलाओं एवं 1428 बच्चों का टीकाकरण किया जा चुका है. यह प्रथम दो दिनों के लक्ष्य के बराबर है. इससे यह कहा जा सकता है कि हम प्रथम चरण की तरह ही दूसरे चरण में भी शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने की ओर अग्रसर हैं.

    भेजा जा रहा है निमंत्रण पत्र : डीआईओ डॉ पासवान ने बताया दूसरे चरण में लोगों को जागरूक करने तथा टीका करवाने के लिए उन्हें निमंत्रण पत्र भी भेजा जा रहा है. यह क्षेत्र की आशा तथा आंगनबाड़ी सेविका द्वारा क्षेत्र के उन सभी लोगों को दिया जा रहा है जिनका नियमित टीकाकरण नहीं हुआ है. पत्र में टीकाकरण स्थल, तिथि एवं टीकाकरण से जुड़ी जानकारियां उपलब्ध है. यह लाभार्थियों के लिए उपयोगी साबित हो रहा है.

    इन रोगों से बचाव के लिए दिया जाता है टीका : मिशन इंद्रधनुष के तहत बच्चों एवं महिलाओं को 12 तरह के रोगों से बचाव के लिए टीका दिया जाता है. इनमें टीवी/तपेदिक, पोलियो, हेपेटाइटिस बी, डिप्थीरिया/गलघोंटू, टेटनस, काली खांसी, हिमोफिलस इन्फ्लूएंजा(हिब), निमोकोकल निमोनिया, रोटा वायरस डायरिया, खसरा, रुबैला व जापानी इंसेफेलाइटिस(जेई) शामिल है. ये बीमारियां बच्चों व गर्भवती महिलाओं के लिए बहुत घातक है जिसके लिए टीकाकरण बहुत जरूरी होता है.

    विवरण: मिशन इंद्रधनुष 2.0 की शुरुआत 6 जनवरी से हो चुकी है. जिले के छह प्रखंडो में इसके तहत टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है जिसमें नियमित टीकाकरण में छूटे हुए 0 से 2 वर्ष के बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया जा रहा है. दूसरे चरण में कुल 350 सत्र द्वारा कुल 3773 बच्चों एवं 666 गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण होना है

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