मंगलवार, 15 अक्तूबर 2019

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शहर में बढ़ते ड़ेंगू की समस्या को लेकर स्वास्थ्य विभाग सचेत

लेखक: अपना समाचार दिनांक: अक्तूबर 15, 2019
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    • कोल्ड मशीन द्वारा चलाया जा रहा है छिड़काव अभियान
    • बेहतर बचाव के लिए साफ सफाई पर विशेष ध्यान देने का चिकित्सक ने दिया निर्देश


    पूर्णियाँ :इन दिनों शहर में ड़ेंगू की समस्या काफी बढ़ गई है. शहर के आसपास के इलाकों जैसे कि गुलाबबाग, रुपौली, बायसी, खुश्कीबाग, आदि जगहों में बारिश के पानी लगे होने के कारण इसके मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है. इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से पूरी तैयारी की गई है जिससे कि यह पूरी तरह से खत्म हो सके.

    कोल्ड मशीन द्वारा चलाया जा रहा छिड़काव अभियान :
    जिले में ड़ेंगू से बचाव के लिए फॉगिंग की टीम गठन किया गया है और उसे छिड़काव के लिए भेजा गया है. इस कार्य के लिए आठ कर्मी लगाए गए हैं जो अलग अलग मुहल्ले में जाकर कोल्ड मशीन के द्वारा छिड़काव कर मच्छरों को मारने का काम करेंगे. मशीन द्वारा छिड़काव से मच्छर लार्वा के स्थिति में ही ख़त्म हो जायेंगे. इसके अलावा स्थानीय लोगों ने भी जिला पदाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है जिसमे शहर के बढ़ते ड़ेंगू की समस्या से उन्हें अवगत कराया गया है.

    उपचार के तरीके :
    जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ आर पी मंडल ने बताया कि ड़ेंगू बीमारी की जांच एलिजा टेस्ट से पता चलता है. इस टेस्ट में रक्त की जांच होती है जिससे कि रक्त में उपस्थित प्लेटलेट्स की मात्रा का पता चलता है. इसके इलाज अस्पताल में या घर पर रह कर भी कराया जा सकता है. डॉक्टर द्वारा दी गई दवाइयां, अधिक साफ-सफाई एवं ज्यादा पानी के पीने से यह लगभग 8-10 दिन में ठीक हो जाता है.

    क्या होता है ड़ेंगू : 
    डेंगू बुखार को 'हड्डीतोड़ बुखार' के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि इससे पीड़ितों को इतना अधिक दर्द होता है कि जैसे उनकी हड्डियां टूट गई हो. डेंगू एडिज मच्छर के काटने से होता है जो अधिक गंदगी वाले जहाँ ज्यादा पानी लगा हो वहां पैदा होता है. इस बीमारी में 102-104 डिग्री बुखार हो जाता है. शरीर का टूटना, जी मचलना, शरीर में छोटे छोटे लाल चकत्ते होना, थकान का होना आम बात है।

    संवादक: अमन

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    विवरण: इन दिनों शहर में ड़ेंगू की समस्या काफी बढ़ गई है. शहर के आसपास के इलाकों जैसे कि गुलाबबाग, रुपौली, बायसी, खुश्कीबाग, आदि जगहों में बारिश के पानी लगे होने के कारण इसके मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है

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