शुक्रवार, 13 सितंबर 2019

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पोषण माह के तहत पोषण मेला का हुआ आयोजन

लेखक: अपना समाचार दिनांक: सितंबर 13, 2019
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  • जिले में पोषण अभियान के तहत शुक्रवार को कला भवन में पोषण मेला का आयोजन किया गया। पोषण मेला का शुभारंभ जिलाधिकारी राहुल कुमार ने किया।
    इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा जिला प्रशासन कुपोषण पर लगाम लगाने हेतु प्रतिबद्ध है तथा जिले में चलायी जा रही विभिन्न गतिविधियाँ पोषण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने में सफल होंगी। उन्होंने पोषण के पांचों सूत्रों का जिक्र किया. पहले सूत्र के रूप में बच्चे के पहले हजार दिन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा की गर्भावस्था के 270 दिन तथा उसके बाद 2 वर्ष तक लगभग 730 दिन बच्चे के सबसे सुनहरे हजार दिन होते हैं इसी समय बच्चे को सही आहार दिया जाना चाहिए जिससे उसका मस्तिष्क तेजी से विकास कर सके. पौष्टिक आहार के रूप में 6 माह तक बच्चे को केवल मां का दूध एवं उसके बाद ऊपरी आहार दिया जाना चाहिये. हमारे देश की बहुत सी महिलाएं और किशोरी को एनीमिया की शिकायत है जिसका असर उनके होने वाले बच्चों में भी पड़ सकता है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं को आईएफए टेबलेट, कैल्शियम टैबलेट, आयरन की गोलियां दी जाती है. छोटे बच्चों में आयरन की कमी रोकने के लिए सीरप दिया जाता है. छोटे बच्चों में डायरिया की शिकायत होती है जिसके लिए ओआरएस घोल दिया जाता है. डायरिया की स्थिति में भी बच्चों का स्तनपान करना बंद नहीं करना चाहिए. पांचवे सूत्र के रूप में उन्होंने स्वच्छता की जरूरत को बताया. सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों में हाथ सफाई अभियान द्वारा इसकी उपयोगिता बताने का उन्होंने निर्देश दिया. उन्होंने हाथ सफाई को बच्चों की आदत में डालने कहा. उन्होंने पोषण मेले में शामिल सभी विभागों को धन्यवाद ज्ञापित किया तथा पोषण अभियान को पूरी तरह सफल बनाने के लिए सभी विभागों की सहभागिता की बात कही।
    पोषण स्टालों का किया निरीक्षण: मेले में शिक्षा विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, आईसीडीएस, कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जिला परियोजना समन्वयक इकाई, नेहरू युवा केन्द्र, महादलित विकास मिशन एवं जीविका द्वारा पोषण पर सन्देश देने के लिए अलग-अलग स्टाल लगाए गये। इस दौरान जिलाधिकारी ने सभी स्टालों का निरीक्षण भी किया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाये गए स्टाल में पोषण पर जानकारी के साथ बच्चों एवं माताओं की जाँच सुविधा उपलब्ध करायी गयी। शिक्षा विभाग द्वारा पोस्टर एवं बैनर के माध्यम से जानकारी दी गयी। आईसीडीएस एवं कृषि विभाग द्वारा अलग-अलग स्टालों पर पोषण पर जानकारी के साथ विभिन्न फल, सब्जी एवं पोषक आहार लागए गए। साथ ही महिलाओं एवं शिशुओं को पोषक आहार भी वितरित किया गया।
    आईसीडीएस के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी शोभा सिन्हा ने विभिन्न विभागों द्वारा पोषण मेले में स्टाल लगाकर पोषण के सन्देश को बुलंद किये जाने पर सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होने कहा महिला, शिशु एवं किशोर को सुपोषित करने के लिए सरकार द्वारा विभिन्न कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। जिले में 1 से 30 सितंबर तक पोषण माह चलाया जा रहा है। जिसमें विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से जिले को कुपोषण के दंश से बचाने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए सहयोगी विभागों द्वारा पोषण पर जागरूकता फ़ैलाने के साथ सामुदायिक पोषण में सुधार भी सुनश्चित की गयी है।
    जिला सिविल सर्जन मधुसूदन प्रसाद ने कहा कि पोषण अभियान द्वारा पोषण की स्थिति को सुधारना है. पूर्णियाँ जिला में पोषण की बहुत दयनीय स्थिति है जो 38% है. पोषण का सही मायनों में अर्थ शरीर में सभी पोषक तत्वों की उपस्थिति है. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य शरीर में ही स्वस्थ्य मस्तिष्क का विकास होता है.  कुपोषण के कारण ही बच्चों के बौनापन में भी वृद्धि हो रही है. कुपोषित बच्चों का  स्कूल, कॉलेज में  प्रदर्शन बढ़िया नही रहने के कारण वह जिंदगी की रेस में पीछे रह जाते हैं. इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए पूरे सितंबर माह को पोषण अभियान मनाया जा रहा है जिससे लोंगो में जागरूकता बढ़े.
    मेले में दी गयी ये जानकारी: मेला में मौजूद महिलाओं को बताया गया कि शिशुओं को छह माह तक मां का दूध ही दें। उसके बाद ऊपरी आहार दें। इसके साथ ही नियमित टीकाकरण कराएं।इस अवसर पर रंगोली, ड्राइंग, पेंटिंग और पोषण पर प्रश्नोत्तरी के माध्यम से जागरूकता पैदा की गयी। वहीं बताया गया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों का नियमित वजन करवाएं तथा खून की कमी होने पर पौष्टिक आहार जैसे सोयाबीन, केला, दूध आदि का आहार दें।

    कुपोषण से बचने के लिए पौष्टिक आहार जरूरी: कुपोषण से बचने के लिए किसी भी व्यक्ति के आहार में पोषक तत्वों की सही मात्रा होनी चाहिए। भोजन में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, विटामिन और खनिज सहित पर्याप्त पोषक तत्वों का सेवन करना चाहिये। मेले में पोषक खाद्य पदार्थो की प्रदर्शनी भी लगाई गई। आँगनबाड़ी केन्द्र से स्वादिष्ट व पौष्टिक पोषाहार का नियमित वितरण कराया जा रहा है, तो अतिकुपोषित बच्चों की विशेष निगरानी की जा रही है। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं व धात्री महिलाओं को भी पौष्टिक आहार दिया जा रहा है, ताकि कोख में पलने वाला बच्चा कुपोषण का शिकार न हो सके। अब सरकार ने पोषण माह अभियान के जरिए कुपोषण के खिला़फ जंग का एलान किया है।
    इसके साथ ही आईसीडीएस द्वारा सुपोषित पूर्णिया के लिए हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत जिला पदाधिकारी महोदय द्वारा करवाई गई. कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, जिला जनसंपर्क विभाग के अधिकारी, स्वस्थ भारत उत्प्रेरक के शौर्य पटेल, केयर इंडिया के आलोक पटनायक, पूरे जिले की महिला पर्यवेक्षिका, सभी सिडीपीओ, सेविका आदि मौजूद थीं.

    संवादक : अमन

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