शनिवार, 14 सितंबर 2019

Tagged Under: , , ,

पैसे के लिए मरे बेटे को किया जिन्दा

लेखक: अपना समाचार दिनांक: सितंबर 14, 2019
  • शेयर करे
  • छवि स्रोत: इकनोमिक टाइम्स 
    लोग पता नहीं पैसा के लिए क्या क्या सोच रखते है और क्या क्या कर रहे । एक ऐसा खबर सामने आया है जो आपको आश्चर्य चकित कर देगा।

    बात वैशाली जिले के भगवानपुर की है। यहाँ मृत रणधीर कुमार पिता राजेंद्र राय के नाम पर विभिन्न बीमा कंपनियों से कुल 85.08 लाख रुपये की पॉलिसी कराई गई थी। सभी पॉलिसी 2014 में कराई गईं और सालभर के बाद अलग-अलग तारीख पर बीमा की रकम पाने के लिए कंपनियों में दावे पेश किए गए। हालांकि, आइसीआइसीआइ प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी ने ही फर्जीवाड़ा पकड़ा। बाकी की दो कंपनियों से रकम की निकासी हुई या नहीं? इसकी जानकारी के लिए पुलिस उन कंपनियों के अधिकारियों से संपर्क करेगी।

    आइसीआइसीआइ प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक राणाजीत सिंह बताया कि उनकी कंपनी के एडवाइजर कृष्ण के माध्यम से 23 जुलाई 2014 को रणधीर कुमार के नाम से 30 लाख रुपये का बीमा करने का ऑनलाइन आवेदन भरा गया था। इसके एवज में कंपनी ने पॉलिसी संख्या-18761316 निर्गत की गई। इसके नॉमिनी रणधीर के पिता राजेंद्र राय बनाए गए।

    11 अप्रैल 2016 को राजेंद्र राय द्वारा बीमे की रकम पाने के लिए दावा पेश किया गया, जिसमें बताया गया कि तीन फरवरी 2015 को बीमित रणधीर कुमार की बिजली का झटका लगने से मौत हो गई। बीमित व्यक्ति का मृत्यु प्रमाणपत्र भी कंपनी को उपलब्ध कराया गया। कंपनी को जब मालूम हुआ कि बीमित व्यक्ति की मौत पॉलिसी लेने के छह माह 12 दिन बाद हो गई, तब आंतरिक जांच कराई गई।

    जांच में पता चला कि रणधीर कुमार की मौत 14 जुलाई 2010 को हो चुकी है। मौत का कारण बिजली का झटका लगना ही है। यह भी पता चला कि साजिश के तहत रणधीर कुमार के नाम से 2014 में चार जून और छह जून को श्रीराम लाइफ, 16 जुलाई को एचडीएफसी एवं फ्यूचर जनरल कंपनियों से बीमा कराया गया। इसके बाद आइसीआइसीआइ प्रूडेंशियल में बीमा कराया। आरोपों से जुड़े दस्तावेजों को एकत्रित करने के बाद प्रबंधक ने मुकदमा कराया।

    सोर्स : जागरण

    इसे भी पढ़े : बिहार सरकार के पूर्व मंत्री ,माननीय तुलसी दास मेहता की निधन

    विवरण: पैसे के लिए मरे बेटे को किया जिन्दा

    0 टिप्पणियाँ:

    टिप्पणी पोस्ट करें