गुरुवार, 19 सितंबर 2019

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आंगनबाड़ी केंद्रों में मनाया गया अन्नप्राशन दिवस

लेखक: अपना समाचार दिनांक: सितंबर 19, 2019
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  • बच्चों को बेहतर पोषण प्रदान कराने के उद्देश्य से जिले के सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों में अन्नप्राशन दिवस मनाया गया। जिसमें 6 माह से ऊपर के बच्चों को अनुपूरक आहार का सेवन कराया गया | साथ ही आंगनबाड़ी सेविका द्वारा अपने क्षेत्र के लोगों को पोषण संबंधी जानकारी एवं हाथ सफाई पर विशेष ध्यान देने पर जोर दिया गया| पोषक क्षेत्र के शिशुओ को खीर खिलाकर इसकी शुरुआत की गयी तथा धात्री माताओं को भी पूरक पोषाहार के विषय में एवं साफ़- सफाई के बारे में जानकारी दी गयी.

    ऊपरी आहार की जरूरत एवं फायदे की दी गई जानकारी :

    इस अवसर पर 6 से 2 वर्ष तक के बच्चों की माताओं को बुलाकर बच्चों के लिए 6 माह के बाद उपरी आहार की जरूरत के विषय में जानकारी दी गयी| जिला मुख्यालय की प्रभात कॉलोनी में केंद्र संख्या 02 केंद्र कोड 38 की सेविका किरण देवी ने बताया कि 6 माह से 9 माह के शिशु को दिन भर में 200 ग्राम सुपाच्य मसला हुआ खाना, 9 से 12 माह में 300 ग्राम मसला हुआ ठोस खाना, 12 से 24 माह में 500 ग्राम तक खाना खिलाए जाने की बात बताई गई| इसके अलावा अभिभावकों को बच्चों के दैनिक आहार में हरी पत्तीदार सब्जी और पीले नारंगी फल को शामिल करने की बात बताई गयी|

    पोषण के संबंध में दी गई जानकारी : 

    इस अवसर पर सेविका किरण कुमारी द्वारा पोषण संबंधी जानकारी भी दी गई| उन्होंने अपने क्षेत्र की सभी गर्भवती महिलाओं को पोषण की जानकारी दी| गर्भ के समय की खान-पान और परहेज सम्बंधित जानकारी दी गई| उन्होंने गर्भवती महिलाओं को बच्चे के जन्म के समय की तैयारी की भी जानकारी दी कि बच्चे को जन्म के 1 घंटे के भीतर माँ का गाढा पीला दूध पिलाना चाहिए और 6 माह तक बच्चों को केवल  माँ का दूध हीं देना चाहिए|

    हाथ सफाई पर दिया गया विशेष जोर : 

    अन्नप्रशन दिवस के अवसर पर महिलाओं और बच्चों को हर सफाई पर विशेष जोर देने के लिए कहा गया| सेविका द्वारा बताया गया कि खाने से पहले एवं खाने के बाद हाथ की विशेष सफाई करनी चाहिए, जिससे छोटे-छोटे कीटाणु हमें संक्रमित नहीं कर सके| बहुत सी बीमारियों की वजह इन्हीं छोटे कारणों से होता है तो बेहतर है कि हम पहले से इसपर सतर्क रहें| केवल बच्चों को ही नहीं बल्कि बड़ों को भी इसे अपनी आदत में शुमार करना चाहिए ताकि इसका अनुसरण बच्चे भी करें.

    प्रदर्शन एवं अभ्यास पर दिया गया विशेष ज़ोर: 

    सेविकाएं हाथ धोने के प्रदर्शन के बाद खाने को मसल कर एवं अर्ध ठोस आहार बना कर खिलाने का प्रदर्शन किया। साथ ही 7 माह एवं इससे बड़ी उम्र के ऐसे बच्चें जिनको खाने की आदत है, उन्हें उनकी माताओं के साथ ही यू आकार में बिठाकर उन्हें खाने के लिए प्रेरित किया गया ताकि बड़े बच्चों को खाना खाते देखकर 6 माह के बच्चों में भी खाना खाने की इच्छा जागृत हो सके। इसके अलावा सेविकाएं खाने की इच्छा के संकेतों को पहचानकर साफ़ हाथ या चम्मच से खाना खिलाने का प्रदर्शन भी किया गया।

    संवादक : अमन

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    विवरण: बच्चों को बेहतर पोषण प्रदान कराने के उद्देश्य से जिले के सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों में अन्नप्राशन दिवस मनाया गया। जिसमें 6 माह से ऊपर के बच्चों को अनुपूरक आहार का सेवन कराया गया |

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